श्रीलंका तट पर बने डिप्रेशन का दक्षिण भारत पर प्रभाव
वर्तमान में मौसम की स्थिति को देखें तो श्रीलंका के उत्तरी तट के पास एक डिप्रेशन का अवशेष (Remnant) सक्रिय है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं और बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। ११ से १३ जनवरी के बीच दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी हवाएं सक्रिय रहेंगी, जिससे तमिलनाडु के तटीय इलाकों और चेन्नई के आसपास हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी बादलों की आवाजाही के साथ छिटपुट बारिश का अनुमान जताया गया है।
उत्तर भारत में भीषण शीतलहर और ‘कोल्ड डे’ की स्थिति
दक्षिण में बारिश के विपरीत, उत्तर भारत के राज्यों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में ऊपरी सतह पर घने कोहरे के कारण दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यहाँ ‘शीत दिन’ (Cold Day) जैसे हालात बने हुए हैं। राजस्थान और बिहार में भी भीषण शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई है, जिसका सीधा असर यातायात और आम जनजीवन पर पड़ रहा है।
महाराष्ट्र और मध्य भारत में बेमौसम बारिश का पूर्वानुमान
महाराष्ट्र के लिए आने वाले ४८ घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं। १२ जनवरी से मौसम में बदलाव शुरू होगा और १३ जनवरी को इसका व्यापक असर दिखाई देगा। मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और दक्षिणी कोंकण के इलाकों में बादलों की सक्रियता बढ़ेगी, जिससे हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां किसानों की चिंता बढ़ा सकती हैं। इसी दौरान केरल और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के मैसूर, बेंगलुरु और हसन जैसे क्षेत्रों में भी हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और कोहरे का दोहरा संकट
पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो गिलगिट, मुजफ्फराबाद और जम्मू-कश्मीर के कुछ ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। हालांकि, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में कोहरे और बर्फीली हवाओं का दोहरा संकट बना रहेगा। सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मध्यम से घना कोहरा छाए रहने का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक उत्तर भारत में ठंड से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।